फैक्टोरियल: n! को ‘n फैक्टोरियल’ के रूप में पढ़ा जाता है, जहाँ n एक पूर्ण संख्या या (गैर ऋणात्मक संख्या) है और n! = n × (n – 1) × (n – 2) … × 3 × 2 × 1 उदाहरण 8! = 8 × 7 × 6 × 5 × 4 × 3 × 2 × 1 5! = 5 × 4 × 3 × 2 × 1 11! = 11 × 10 × 9 × 8! 1! = 1 = 0! 8! + 5! = 8 × 7 × 6 × 5! + 5! = 5! × (8 × 7 × 6 + 1) = 5! × 337 [नोट: a! और b! का LCM a! होगा, यदि a > b] 5! ×3! ≠ 15! गणना के मूल सिद्धांत (Fundamental Principles of Counting) योगफल सिद्धांतः यदि एक संक्रिया (operation) ‘m’ विभिन्न तरीकों से की जा सकती है तथा दूसरी संक्रिया जो पहली संक्रिया पर निर्भर नहीं है, को ‘n’ विभिन्न तरीकों से किया जा सकता है, तो उनमें से किसी एक संक्रिया को कुल (m + n) तरीकों से किया जा सकता है। गुणनफल का सिद्धांतः यदि एक संक्रिया (operation) ‘m’ विभिन्न तरीकों से की जा सकती है तथा इसके बाद दूसरी संक्रिया ‘n’ विभिन्न तरीकों से की जा सकती है तो दोनों संक्रियाओं को एक साथ कुल (m × n) तरीकों से किया जा सकता है। क्रमचय (Permutations) ...